Sunday, 6 June 2021

#10 हमने ये क्या कर दिया है ?

 इस दुनिया ने  जिंदगी को,

 यह कैसा निराश मोड़ दिया हैI

 बाद भारी इल्म के, 

 नापने को लंबा चौड़ा रोड दिया है I

 भावनाओं के बजाय हमें,

अर्थ नाम के शैतान से जोड़ दिया हैI

 ईर्ष्या के गोंद से ,

लोगों के खुले दिमागों को,

  सिकोड़ दिया है I

ना रहे शेष एक कतरा भी  खून का 

आदमी को इतना निचोड़ दिया हैI 

प्यार की  हसीन दीवार को,

 वासना के हथौड़े से तोड़ दिया हैI

 लगता है भगवान ने ,

आजकल धरती पर अवतार लेना छोड़ दिया है I

                                                                        दीपक जुनेजा

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