This blog consists all of my self composed poems. Copyright with Deepak Juneja.
सोचता हूँ,
लोगों ने कहा है,
हमेशा रखो,
दिमाग को चिंतामुक्त,
इसलिए करता हूँ,
दृढ़ निश्चय,
रखने का,
और डूब जाता हूँ,
इस चिंता में,
कि कैसे रखूँ,
दिमाग को चिंतामुक्तI
दीपक जुनेजा
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