अपराध की खबर,
आजकल नहीं रही,
विषय प्रायश्चित का,
सबक और डर का,
हर घर में अलग है जवाब
आजकल इसकी दस्तक का,
कहीं क्षणिक संवेदना और फिर विस्मरण का
कहीं हंसी ठिठोली,
शेखी और राजनीति का,
मोमबत्ती जुलूस की सेल्फी का,
और किसी को तो आता है आईडिया,
कुछ तूफानी करने का,
खुद करके देखने का,
और फिर होता है एक नया अपराध,
और जन्म लेती है एक और ब्रेकिंग न्यूज़I
दीपक जुनेजा
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