भारतीय संस्कृति पर छाया है,
पश्चिम का बड़ा बेशर्म पर्दा I
भारत का भविष्य आजकल ,
मुंह में रखता है,
पान, गुटखा और जर्दा I
फास्ट फूड, फास्ट डांस,ड्र्ग
हुक्का बार से तो केवल आगाज है I
आजकल यारों कपड़े खोलकर ,
नंगे पढ़ने का रिवाज है I
अब बच्चों को राम दशरथ की कथाएं,
नहीं सुनाएँगी उनकी नानियाँI
बल्कि अब वे बच्चों को सुनाएंगी,
लियोनी परिवर्तन की कहानियाँ I
गर यह नंगापन ही,
आधुनिकता का प्रतीक था I
तो फिर सुन मेरे देश के वासी ,
आदिमानव सबसे आधुनिक थाI
गर यह नंगापन ही,
आधुनिकता का सबूत है I
तो फिर सुन मेरे देश के वासी,
तैयार हो रहा हमारी संस्कृति का ताबूत हैI दीपक जुनेजा
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